वो जनपथ पर जो बैठा है..वो 'अन्ना' नहीं है..आंधी है...
न ही नेता, न अभिनेता..वो आज़ाद हिंद का गाँधी है...
अंग्रेज़ तो भारत छोड़ चुके...उन्होंने शुरू किया नए दौर का इंकलाब है...
एस इंकलाब में भारत का जन-जन उनके साथ है..
अबकी जो रगों में खौला है... वो खून नहीं चिंगारी है...
इस चिंगारी का एक-एक कतरा..सौ नेताओ पर भारी है..
'भ्रस्टाचार' बस बहुत हुआ...अब देश सुधार की बारी है...
आखिर प्रजातंत्र की जीत हुई..अब भ्रष्ट नेताओ से कुर्सी छुडवाने की तैयारी है...
keep up the good job anna ji and bindiya :)
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